नई दिल्ली 
आचार्य चाणक्य की नीतियों से हर समस्या का समाधान मिलता है. जीवन को बेहतर ढंग से जीने के लिए आचार्य चाणक्य ने कुछ नीतियां और उपाय सुझाए हैं, जिसे पालन कर हर इंसान को जीवन में खुशहाली और शांति का अनुभव होगा.

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि हमें ज्ञानी व्यक्तियों की बात का अनुसरण करना चाहिए और उनकी बात माननी चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि ज्ञानी व्यक्ति हमें बहुत कुछ सिखाते हैं और उनसे हमेशा अच्छा ही सीखने को मिलेगा.

चाणक्य कहते हैं कि जिस घर में धन का गलत कामों में इस्तेमाल किया जाता है उस घर में हमेशा कलह की स्थिति बनी रहती है. इस कारण वहां घर का माहौल कभी खुशनुमा नहीं रहता है. चाणक्य कहते हैं कि धन की बर्बादी से सभी को बचना चाहिए. जरूरत के हिसाब से ही धन खर्च करना चाहिए.

चाणक्य कहते हैं कि पति-पत्नी के रिश्ते में यदि खटपट है और वे एक-दूसरे से बातें छिपाते हैं को वो रिश्ता नहीं चल पाता है और ऐसे घर में कभी खुशहाली और समृद्धि नहीं आती है. आचार्य चाणक्य की नीतियों के अनुसार, दांपत्य जीवन में छल-कपट के लिए कोई जगह नहीं होता है.

चाणक्य कहते हैं कि अन्न की बर्बादी नहीं करनी चाहिए. अन्न की बर्बादी करने से घर में सुख-समृद्धि नहीं आती है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि हमेशा इंसान को भूख के अनुसार ही भोजन थाली में लेना चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि अन्न का हमेशा सम्मान करना चाहिए.